दोस्तों आज हम विश्व पर्यटन दिवस मना रहे हैं। पर्यटन और पर्यावरण दोनों एक प्रकार से एक सिक्के के दो पहलू और चोली दामन के समान है क्योंकि शुद्ध पर्यावरण से युक्त माहौल होगा तो पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। गुणवत्ता पूर्ण जल और हवा प्राप्त मात्रा में जिन जगहों पर होती है। वहां का पर्यटन उद्योग दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करता है शायद इसीलिए सबकुछ होने के बावजूद भी आज भी पर्यटकों की पसंद जम्मू-कश्मीर हिमाचल उत्तराखंड आदि बने हुए हैं।
विश्व पर्यटन दिवस पर राजस्थान सरकार द्वारा पर्यटकों को कई मामलों में विशेष छूट दी गई है। आज वहां के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा इससे संबंध एक मोबाइल ऐप भी लांच किया गया। जिसमें पर्यटन से संबंध सारी जानकारियां राजस्थाान के बारे में होना बताया जा रहा है।
हरे भरे वृक्षों की सुंदरता और उससे उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा हमें अच्छा सोचने और आगे बढ़ने तथा जीने का उत्साह पैदा करती है। लेकिन आवश्यकताओं को भी नकारा नहीं जा सकता। देश की राजधानी दिल्ली में अक्षरधाम, राष्ट्रीय राजमार्ग नाइन जंक्शन और दिल्ली उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे छह लाइन के दिल्ली सहारनपुर मार्ग के लिए 14.75 किलोमीटर के हिस्से में विकास के लिए 2038 शीशम, पीपल, चंपा, नीम, शुभागुल, नीलगिरी, जामुन और गूलर के वृक्ष प्रभावित होने की संभावना है। क्योंकि यह भारतमाला परियोजना के पहले चरण का हिस्सा है। जिसके तहत 50 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा। मेरा मानना है कि आवश्यकता है तो वृक्षांे को काटने में कोई नुकसान नहीं है लेकिन जितने काटे जाए उससे दो गुने इस मार्ग के दोनों ओर लगाए जाए। तो यह इस मार्ग पर अगर कुछ पर्यटन स्थल बनाए जाते हैं तो उनके लिए भी लाभ दायक होगा। और इस व्यवसाय और क्षेत्र से जुड़े लोगों की प्रगति और कुछ लोगों को रोजगार मिलने का भी माध्यम बन सकता है।
साथियों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गत दिवस मन की बात के तहत फिर से नदियों से जुड़ाव बढ़ाने की बात दोहरायी गई। तथा इस संदर्भ में संस्कृत के कुछ श्लोकों के माध्यम से गोदावरी सरस्वती नर्मदे सिंधु कावेरी आदि नदियों का महत्व समझाया गया तथा विश्व नदी दिवस के अवसर पर उनके द्वारा इस संदर्भ में मन की बात की 81वीं कड़ी में बताया गया कि पूर्व मेें परिवार के बुजुर्ग किस प्रकार से बच्चों को नदियों का महत्व बताते थे। और उन्हें समझाते थे कि नदी को मां का रूप दिया गया है। गत दिवस 26 सितंबर को हमारे द्वारा विश्व नदी दिवस भी मनाया गया और आज विश्व पर्यटन दिवस मनाया जा रहा है।
विशाल जनसंख्या वाले अपने देश में वैसे तो कोई ना कोई त्योहार और दिवस हमेशा रोज ही मनाया जाता है लेकिन हवा पानी जैसी कुछ ऐसी आावश्यकताएं हैं जिनकी शुद्धता के लिए हमें इस संदर्भ में प्रधानमंत्री द्वारा जो स्वच्छता नमामि गंगे आदि मिशन चलाए जा रहे हैं उन पर विशेष ध्यान देना होगा और बीते दिनों कोरोना में जो स्थिति ऑक्सीजन को लेकर उत्पन्न हुई उसको देखते हुए यह और भी आवश्यक हो जाता है। आओ दोस्तों मिलकर संकल्प लें कि पैसा भी कमाएंगे रोजगार भी बढ़ाएंगे खुशहाली भी लाएंगे लेकिन कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए मास्क भी लगाएंगे हाथ धोएंगे और दूरी बनाएंगे के साथ साथ भविष्य में हमें रचनात्मक ऊर्जा प्राप्त होती रहे। पानी और हवा का अभाव ना हो इस संदर्भ में कार्य करने काा संकल्प हम लें और उसे पूरा करने का प्रयास भी करें।
– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com